47 साल पहले बनी लाइब्रेरी कर रही आईएएस, आरएएस तैयार

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– सूचना केंद्र स्थित वाचनालय में प्रतिदिन 150 से अधिक युवा आ रहे परीक्षाओं की तैयारी करने

– सेल्फ स्टडी के साथ ही यहां मौजूद किताबों, संदर्भ सामग्रियों और पुराने अखबारों से जुटाते हैं जानकारी

उदयपुर. आईएएस, आरएएस आदि प्रशासनिक सेवाओं के साथ पटवारी, कांस्टेबल भर्ती, आईआईटी, जेईई और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी करते हुए युवा सूचना केंद्र के वाचनालय में नजर आ रहे हैं। ये युवा सुबह से शाम तक घंटों बैठकर पुस्तकों और संदर्भ सामग्री के माध्यम से पढ़ाई में जुटे हुए हैं। हो सकता है, वाचनालय के इन गलियारों से निकलकर ही इनमें से बहुत से युवा आरएएस, आईएएस की मंजिल पा लें। इसी मकसद से वे यहां आ भी रहे हैं। वैसे, इन दिनों शहर की हर गली मोहल्लों में निजी तौर पर लाइब्रेरी स्थापित करने और इसे सशुल्क विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए उपलब्ध कराने का चलन हो चुका है। यहां पर विद्यार्थियों को बैठकर अध्ययन करने के लिए घंटों के हिसाब से शुल्क वसूला जाता है। कई-कई लाइब्रेरी तो चौबीसों घंटे खुली रहती है और यहां पर चौबीसों घंटे बैठकर विद्यार्थी अध्ययन करते हुए दिखाई देते हैं।इन्हीं स्थितियों के बीच शहर के मध्य में राज्य सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधीन मोहता पार्क के पास स्थित सूचना केन्द्र का वाचनालय पूर्णतया नि:शुल्क तौर पर युवाओं को उपलब्ध कराया जा रहा है। सूचना केन्द्र के लाइब्रेरी बियरर राजसिंह सदाणा बताते हैं कि इन दिनों यह वाचनालय युवा प्रतिभाओं के अध्ययन का प्रमुख केन्द्र बिंदु बना हुआ है और यहां पर प्रतिदिन 150 से अधिक विद्यार्थी सुबह से लेकर शाम तक तल्लीन होकर अध्ययन करते हुए दिखाई देते हैं। यह वाचनालय कार्यालय कार्यदिवसों में सुबह 9.30 से शाम 6 बजे तक विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए उपलब्ध रहता है। ये विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। इनमें से अधिकांश विद्यार्थी कॉलेज स्तर के विद्यार्थी हैं। ये आईएएस, आरएएस आदि प्रशासनिक सेवाओं के साथ कई आईआईटी, जेईई और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी कर रहे हैं।

संदर्भ सामग्री नि:शुल्क

विद्यार्थी बताते हैं कि सूचना केन्द्र का वाचनालय शहर के मध्य और एप्रोच वाली जगह पर है। यह पूर्णतया नि:शुल्क है और यहां सूचना केन्द्र प्रबंधन द्वारा बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है। वाचनालय में सूजस और अन्य संदर्भ सामग्री उपलब्ध होती है। किसी प्रकार का बंधन नहीं है, विद्यार्थी स्वयं अपने हाथों से ले सकता है। इसके साथ ही यहां के वाचनालय में विभिन्न पत्र-पत्रिकाएं भी उपलब्ध है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हैं। सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय के उपनिदेशक डॉ. कमलेश शर्मा बताते हैं कि सूचना केन्द्र वाचनालय में आने वाले विद्यार्थियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं मुहैया करवाने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। यहां विद्यार्थियों की दिन-प्रतिदिन बढ़ती संख्या को देखते हुए अनुशासन बनाए रखने की दृष्टि से जल्द ही इनके परिचय पत्र भी तैयार किए जाएंगे।

1973 में हुआ था उद्घाटन

26 फरवरी, 1973 को सूचना केन्द्र का उद्घाटन तत्कालीन राष्ट्रपति वीवी गिरि ने किया था और उसके बाद से लगातार यह चल रहा है। पहले इसमें सिर्फ अखबार और पत्र-पत्रिकाएं पढऩे के लिए पाठक आते थे परंतु वर्ष 2007—08 से इसमें विद्यार्थियों का आना प्रारंभ हुआ। पिछले दो—तीन साल में इसमें विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पत्र—पत्रिकाओं को पुस्तकालय में रखवाना प्रारंभ कर दिया और अब इसमें सिर्फ विद्यार्थी ही आते हैं जो अपने साथ पुस्तकें लेकर आते हैं और दिनभर बैठकर पढ़ते रहते हैं।

यहां भी चल रही सरकारी लाइब्रेरी
– गुलाबबाग चिकित्सालय स्थित लाइब्रेरी

– जगदीश चौक स्थित लाइब्रेरी
– अशोकनगर स्थित टीआरआई की लाइब्रेर

Patrika

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