हत्या में हुए हाथ ‘लाल हजारों खुद हो गए ‘काल के हवाले

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– प्रदेश में मौत हजारों घटनाएं

– गुस्सा व गृहक्लेश के कारण अपराधियों ने ली दूसरों की जान

– अवसाद व पारिवारिक कारण मोड़ गए खुद को मौत के मुंह तक

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. वे धैर्य खोते रहे, वे गुस्सा होते रहे, वे खुद को परिस्थितियों के पाश में जकड़ा हुआ मानकर काल के मुंह में जाते रहे। वे एक पल के गुस्से को काबू नहीं कर पाए और आमजन का चेहरा छोड़ अपराध की सीढ़ी चढ़ गए, दूसरों को अपने हाथों से मौत के घाट उतार बैठे। ये दोनों ही हालात बड़े विकट ही रहें होंगे जब उन्होंने किसी को मारा या खुद को मौत के हाथों में ले जाने से पीछे नहीं हटे। खाकी की नजरें जब उन तक पहुंची तो कई मामलों में पुलिस की सांसे भी अटककर रह गई, कई मामले बेहद चौका गए। आइए जानते हैं कि प्रदेश में पिछले वर्षों में क्या हत्या-आत्महत्या की तस्वीर रही।

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हत्याएं: प्रदेश में जनवरी, 2019 से जून 2019 तक हत्‍या की कुल 686 घटनाएं हुई हैं। पुलिस को हत्‍या की इन घटनाओं के आरोपियों का पता लगाने व उन्‍हें पकडऩे में कुछ में सफलता मिली तो कुछ में पुलिस जांच कर रही है। हत्‍या के प्रकरणों में आरोपियों का पता लगाने हेतु संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक व रेंज महानिरीक्षक भी नियमित रुप से हत्‍या के प्रकरणों की समीक्षा जरूर करते हैं।

जनवरी 19 से जून 19 तक

जिला- हत्याएं

उदयपुर- 14

अजमेर- 24

अलवर- 44

करोली- 20

कोटा- 21

चित्तौडगढ़़- 11

चूरू- 23

जयपुर- 92

जालोर- 15

जीआरपी अजमेर- 02

जैसलमेर- 10

जोधपुर- 14

झालावाड़- 20

झुन्झुनूं- 24

टोंक- 07

डूंगरपुर- 12

दौसा- 15

धौलपुर- 27

नागौर- 14

पाली- 31

प्रतापगढ़- 10

बाड़मेर- 15

बारां- 13

बांसवाड़ा- 02

बीकानेर- 26

बूंदी- 05

भरतपुर- 30

भीलवाड़ा- 05

राजसमन्द- 20

श्री गंगानगर- 28

स.माधोपुर- 01

सिरोही- 11

सीकर- 30

हनुमानगढ़- 21

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आत्महत्या: प्रदेश में 01 दिसम्‍बर 2018 से 31 अक्‍टूबर 2019 तक आत्‍महत्‍या के कुल 3757 मामले दर्ज हुए है, जिसमें कुल 3831 व्‍यक्तियों द्वारा आत्‍महत्‍या की गई है। उक्‍त दर्ज मामलो में से 150 मामलों आत्‍म हत्‍या से हत्‍या, परिवादी द्वारा पृथक से रिपोर्ट, परिवाद प्रस्‍तुत करने पर 150 प्रकरण दर्ज किये गये है।उदयपुर जिला: उदयपुर जिले में इस अवधि में 310 लोगों ने आत्महत्याएं की हैं। इसमें से ज्यादातर पारिवारिक कारणों से फांसी लगाकर आत्महत्या के मामले सामने आए हैं।

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ये है आत्महत्या के मुख्य कारण: प्रदेश में होने वाली आत्‍महत्‍याओं संबंधी घटनाओं के मुख्‍य कारणों में मानसिक अवसाद, बीमारी पारिवारिक कारण, अधिक नशा करना, परीक्षा में अनुत्र्तीण होना, बीमारी से परेशान होना पाया गया है। जिनमें विभिन्‍न शैक्षणिक संस्‍थानों में अध्‍ययनरत छात्र-छात्राओं द्वारा उनके सहपाठियों शिक्षकों या अन्‍य व्‍यक्तियों द्वारा शोषण प्रताडऩा व अत्‍याचार की प्राप्‍त शिकायतों, घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए महानिदेशक पुलिस ने महानिरीक्षक पुलिस रैंज राजस्‍थान मय रेलवे तथा सभी जिला पुलिस राजस्‍थान मय रेलवे अजमेर, जोधपुर को आवश्‍यक दिशा निर्देश जारी किये गये है।

Patrika

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