सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के खाली सभागार में होता रहा आयोजन

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केन्द्रीय छात्रसंघ कार्यकारिणी ने कोरोना की एडवायजरी को किया दरकिनार, सुविवि के कुलपति नहीं पहुंचे, डीएसडब्ल्यू बने अतिथि

उदयपुर. कोविड-19 से बचाव के लिए जारी एहतियाती उपायों की उच्च शिक्षण संस्थानों में धज्जियां उड़ रही हैं। मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में शनिवार को एक आयोजन हुआ, इससे विवि प्रशासन खुद बेखबर रहा। हालांकि आमंत्रित कुलपति प्रो. एन.एस. राठौड़ ने खुद को इस कार्यक्रम से दूर ही रखा, लेकिन छात्र कल्याण अधिष्ठाता बतौर अतिथि कार्यक्रम में पहुंच गए।

हालांकि कोरोना की एडवायजरी को विद्यार्थियों ने गम्भीरता से लिया और 1200 सीटों के ऑडिटोरियम में बमुश्किल डेढ़ सौ ही पहुंचे। केन्द्रीय छात्रसंघ महासचिव गजेन्द्र त्रिवेदी का कार्यालय उद्घाटन व सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘उद्घोषÓ तय था, इसमें कुलपति राठौड़ और छात्र कल्याण अधिष्ठाता एमपी यादव को भी आमंत्रित किया गया था। सुबह 10 बजे प्रस्तावित कार्यक्रम किसी के नहीं आने से दोपहर साढ़े 12 बजे तक शुरू नहीं हो पाया। जब छात्र कल्याण अधिष्ठाता यादव पहुंचे तो उनके हाथों कार्यालय का फीता कटवाया गया। बाद में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। पूरा सभागार लगभग खाली पड़ा था, वहीं इक्का-दुक्का सीटों पर दर्शक बैठे थे। कार्यक्रम में वीरांगनाओं, सुविवि के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रो. विजय श्रीमाली की याद में सम्मानित किया गया, वहीं सीआइ हनुवंत सिंह का भी सम्मान हुआ। मंच पर लगे बैनर पर कुलपति राठौड़ का नाम बतौर अतिथि लिखा हुआ था, लेकिन वे नहीं पहुंचे।
– ये बने रहे बेखबर

कार्यक्रम को सम्भाल रहे धु्रव श्रीमाली ने बताया कि उद्घोष-3 वार्षिक आयोजन व कार्यालय उद्घाटन था। कोरोना एडवायजरी की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। यहां सात सौ लोग शामिल हुए। पूरा सभागार इसलिए नहीं भर पाया, क्योंकि परीक्षाएं चल रही हैं।
हमारा कोई आयोजन नहीं था

कॉलेज व विश्वविद्यालय की तरफ से ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं था। हमने तो खासतौर पर नोटिस निकाल रखा है कि सेमिनार और भीड़-भाड़ वाले कार्यक्रमों का आयोजन नहीं करें।
प्रो. साधना कोठारी, डीन, आट्र्स कॉलेज

केवल शपथ ग्रहण का छोटा सा कार्यक्रम था, जो एक माह पहले से तय था। विवि प्रशासन और पुलिस से भी अनुमति ले रखी थी। वैसे कार्यक्रम में कोई ज्यादा लोग आए भी नहीं थे।
प्रो. एम.पी. यादव, छात्र कल्याण अधिष्ठाता

Patrika

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