सावधान! हम औचक निरीक्षण करने आ रहे हैं

सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील के इंतजाम देखने के लिए आयुक्तालय ने कलक्टरों को दिए निर्देश, शिक्षा अधिकारियों की 25 को बैठक में दे दी जाएगी तमाम जानकारी

उदयपुर. राज्य सरकार ने मिड-डे-मील आयुक्तालय ने प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में चल रहे दोपहर के भोजन और दूध वितरण योजना का जायजा लेने के लिए कार्यक्रम जारी कर दिया है। हास्यास्पद यह कि इसे औचक निरीक्षण का नाम दिया जा रहा है, जबकि प्रशासन ही नहीं, पंचायती राज के ब्लॉक स्तरीय और शिक्षा विभाग के जमीनी स्तर के अधिकारियों को भी इसकी सूचना दी जा रही है। बाकायदा उनकी आकस्मिक निरीक्षण से पहले 25 फरवरी को बैठक भी होगी, जिसमें उन्हें बता दिया जाएगा कि किस तरह निरीक्षण करना है, क्या बिन्दु होंगे और कौनसा प्रपत्र भरा जाएगा।
सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील, खासकर दूध वितरण योजना की क्रियान्विति को लेकर कई बार सवाल खड़े होते रहे हैं। दूध की गुणवत्ता, इसके माप और फर्जी भुगतान उठाने के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में इस तरह घोषित तौर पर निरीक्षण करने को लेकर सवालिया निशान लगाए जा रहे हैं। स्कूली शिक्षा से जुड़े लोग व जानकार बताते हैं कि ऐसे निरीक्षण के तय समय पर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने का जिम्मेदारों को मौका मिल जाएगा। यह आशंका है कि जमीनी हालात सामने नहीं आ पाएं।

– निरीक्षण के खास बिन्दु
– हर जिले में 27-28 फरवरी को कम से कम 20 प्रतिशत स्कूलों का चयन कर औचक निरीक्षण किया जाएगा।

– चयनित स्कूलों में 20 प्रतिशत दूरस्था एवं दुर्गम स्थानों के होंगे
– जिनका पिछले दो साल में एक बार भी निरीक्षण नहीं हुआ, उन्हें भी शामिल किया जाएगा

– हर श्रेणी के स्कूल निरीक्षण में शामिल किए जाएंगे
– जिला कलक्टर निरीक्षण दल गठित करेंगे, जिनमें जिला परिषद सीइओ, एसीइओ, एसडीएम, तहसीलदार, जिला व ब्लॉक स्तरीय शिक्षा अधिकारी आदि होंगे। गठन 24 फरवरी तक व निरीक्षणकर्ता को 26 फरवरी तक सूचित करना होगा।

– कलक्टे्रट स्तर पर जिला शिक्षा व ब्लॉक स्तर पर बीइइओ कार्यालय में सम्बंधितों को 25 फरवरी को निरीक्षण सम्बंधी ब्योरा दिया जाएगा।
– निरीक्षण के दिन सुबह 10 बजे दल रवाना होंगे और कुल दलों की सूचना मोबाइल पर मिड-डे-मील आयुक्त को मोबाइल पर देनी होगी।

– पंचायत समिति स्तर के निरीक्षण दलों की संख्या व रवाना होने की सूचना बीइइओ देंगे।
– निरीक्षण की पूरी रिपोर्ट तय फॉर्मेट में भरकर शाम छह बजे उसी दिन आयुक्तालय को ई-मेल पर भेजनी होगी।

– ब्लॉक स्तर से सूचनाओं का संकलन कर कलक्टर के माध्यम से आयुक्तालय भेजी जाएगी।
– पाई गई कमियों पर सुधारात्मक कदम उठाने होंगे। गबन, अनियमितता पर चोरी के दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही प्रस्तावित करनी होगी।

– जिन अधिकारियों के पास गाडिय़ां नहीं हैं, वे किराए पर लेकर जाएंगे।

Patrika

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