सरकारी कॉलेजों को ही नहीं एजुकेशन पॉलिसी की फिक्र!

0
295

राज्यभर के 42 महाविद्यालयों ने ‘ऐशेÓ पोर्टल पर ऑनलाइन सर्वे में नहीं लिया हिस्सा, सर्वे में आए आंकड़ों के आधार पर ही तैयार होती है उच्च शिक्षा की वार्षिक नीति

उदयपुर. अब तक तो निजी महाविद्यालय सरकार की उच्च शिक्षा नीति के मसौदे को लेकर लापरवाह हुआ करते थे, लेकिन इस बार राज्य के सरकारी महाविद्यालयों को ही इसकी फिक्र नहीं है।
केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के ‘ऐशेÓ पोर्टल पर तय मियाद बीतने के बावजूद उदयपुुर सहित विभिन्न जिलों के 42 सरकारी कॉलेजों ने ऑनलाइन सर्वे में हिस्सा नहीं लिया है।
मंत्रालय प्रतिवर्ष पूरे देश में सरकारी व निजी कॉलेजों में मौजूद ढांचागत, अकादमिक, शैक्षणिक इंतजामों और अन्य सुविधाओं की तमाम जानकारी ‘ऐशेÓ पोर्टल पर अपलोड और अपडेट करता है। इसके आधार पर देशभर में उच्च शिक्षा की ताजातरीन तस्वीर उभरकर सामने आती है। सर्वे में सामने आई जानकारियों पर मंथन और निष्कर्ष के बाद मंत्रालय नई नीतियों, दिशा-निर्देशों और शिक्षा व्यवस्थाओं में बदलाव को लागू करता है। एक जनवरी से खुले पोर्टल पर 29 फरवरी तक सर्वे पूरा करना था।
यह है ऑनलाइन सर्वे
हर महाविद्यालय में छात्र व छात्राओं की संख्या, विद्यार्थी किस वर्ग के हैं, भवन में कितने कमरे हैं, कितने लेक्चरर हैं, कौन-कौनसे पाठ्यक्रम संचालित हैं, संकाय कितने हैं, संकायवार व विषयवार परिणाम क्या रहा सहित कई तरह की जानकारियां मांगता है।
– कइयों ने पासवर्ड भी जेनरेट नहीं किए
‘ऐशेÓ पोर्टल पर हरेक कॉलेज को पासवर्ड जेनरेट करना होता है, जिसकी जानकारी सम्बंधित यूनिवर्सिटी और वहां से मंत्रालय तक जाती है। कोड अप्रूव्ड होने के बाद ही पोर्टल खुलता है तथा उसमें सर्वे से सम्बंधित जानकारी अधिकृत तौर पर भरी जा सकती है। हालात ये हैं कि दर्जनों कॉलेजों ने अभी तक पासवर्ड भी जेनरेट नहीं किए हैं।
– प्राचार्य के खिलाफ करेंगे कार्यवाही
दो माह का वक्त दिया था। वह बीतने के बाद एक बार फिर 15 मार्च तक का वक्त दिया है। इसके बाद लापरवाह सम्बंधित प्राचार्यों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
प्रदीप बरोड़, आयुक्त, कॉलेज शिक्षा


Patrika

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here