संगोष्ठी, प्रतियोगिताओं तो कहीं नुक्कड़ नाटकों के जरिये बताया नारी का महत्व

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उदयपुर शहर और जिलेभर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर हुए विविध कार्यक्रम

उदयपुर. महिला दिवस की पर जिलेभर में विविध कार्यक्रम हुए। सुविवि के प्रबन्ध अध्ययन संकाय की ओर से राउमावि वाड़ा, ढीकली में संकाय निदेशक प्रो. हनुमानप्रसाद के नेतृत्व में मेडिकल चेकअप कैंप लगाया, जिसमें महिला स्वछता उत्पादों के पैकेट बांटे गए। विद्यार्थियों पे लक्ष्मी की कहानी नुक्कड़ नाटक के जरिये पेश की। गीतांजलि मेडिकल कॉलेज की डॉ. खुशबू पटेल ने महिलाओं के स्वास्थ्य पर चर्चा की। प्रधानाचार्य पृथ्वीपाल सिंह, प्रो. करुणेश सक्सेना आदि मौजूद थे। ओसवाल महिला मंच की ओर से बेदला माताजी मन्दिर स्थित धाकड़ गार्डन से रैली निकाल महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया गया। सचिव माया सिरोया ने बताया कि मुख्य अतिथि डी.पी.धाकड़ थे। महिलाओं ने रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाकर रैली का शुभारम्भ किया।
– भित्ती प्रतियोगिता, संगोष्ठियां
जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ डिम्ड टू बी विवि के विभिन्न संघटक महाविद्यालयों में महिला सशक्तिकरण संगोष्ठियां हुई। उदयपुर स्कूल ऑफ सोशल वर्क में संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. एस.के. मिश्रा ने कहा कि महिला एवं पुरुष में भेद को समाप्त किए बिना महिला को देश की मुख्य धारा में जोडऩा असंभव है। मुख्य वक्ता डॉ. अनुकृति राव ने कहा सृष्टि की निर्माता को भी आज 21वीं सदी में अपनी सशक्तिकण की बातें करनी पड़ रही, यह अफसोसजनक है। कन्या महाविद्यालय, डबोक में भित्ती पत्रिका प्रतियोगिता हुई। मुख्य अतिथि होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमिया गोस्वामी, डॉ. अपर्णा श्रीवास्तव, डॉ. मानसिंह चुण्डावत, डॉ. हरीश चैबीसा, डॉ. जयसिंह जोधा ने भी विचार व्यक्त किए। विजया मां मंगल भारती सामुदायिक केन्द्र, बेदला पर संगोष्ठी में डॉ. ओम पारीख ने महिला उत्थान पर चर्चा की। सुविवि की अभाविप इकाई अध्यक्ष मिलिन्द पालीवाल, निलेश व्यास, शुभम् सोनी, कनिश, अर्चित, राहुल मित्तल व राजेश कुमावत ने विद्यार्थियों को रंगों से तिलक लगा शुभकामना दी।
– ‘आजादी आंदोलन में थी महिलाओं की बड़ी भूमिकाÓ
सुविवि के आट्र्स कॉलेज में ‘स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका और गांधीजी के विचारÓ व्याख्यानमाला में मुख्य वक्ता प्रो. विनिता परिहार ने कहा कि गांधी के विचारों से आजादी की क्रांति घर-घर तक पहुंच गई थी, जिसमें महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
मुख्य अतिथि प्रो. के. एस. गुप्ता, प्रो. विजयालक्ष्मी चौहान, प्रो. साधना कोठारी ने कहा कि इतिहास में महिलाओं की गौरवशाली भूमिका रही है। आज भी सफलता के हर कदम पर महिला-पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं। केन्द्र निदेशक प्रो. दिग्विजय भटनागर ने बताया कि महिला दिवस के उपलक्ष्य में सात दिवसीय कार्यक्रम हुए।
– ‘देश का विकास महिलाओं के बिना अधूराÓ
एडीएम ओपी बुनकर ने कहा कि देश का विकास महिलाओं को आगे बढ़ाए बिना संभव नहीं है। वह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के क्षेत्रीय लोक सम्पर्क ब्यूरो की ओर से निम्बार्क शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, सूरजपोल में जनचेतना कार्यक्रम में बोल रहे थे। जनजाति विकास विभाग के परियोजना अधिकारी गीतेश मालवीया ने जनजाति क्षेत्र की बालिकाओं को शिक्षा से जोडऩे चलाई जा रही सरकारी योजनाओं पर बात की। जिला शिक्षा अधिकारी भरत जोशी, जिला प्रबंधक इरम खांन, बालेन्द्र प्रसाद, सहायक निदेशक रामेश्वरलाल मीणा ने भी चर्चा की।
– 28 महिलाओं का सम्मान
अरावली फाउण्डेशन की ओर से शहर की एक होटल में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम करने वाली 28 महिलाओं का सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. आनंद गुप्ता, विशिष्ट अतिथि डॉ. तरूण अग्रवाल एवं अनिल छाजेड़ थे। सम्मानित होने वाली महिलाओं में विनिता बोहरा (आइएएस), कला आश्रम की सरोज शर्मा, डॉ. शकुंतला पंवार, अलका शर्मा, महिला सृमद्धि बैंक की पुष्पा सिंह, एडवोकेट रागिनी शर्मा, कवयित्री विमला भण्डारी, श्रीमती कहानी भाणावत महता, किरण खत्री, शिखा सक्सेना, लाडकवंर लौहार, एनिमल एड की एरीका इब्राहिम, ब्रह्मकुमारीज की रिटा बहन, कत्थक आश्रम की चंद्रकला चैधरी, योग प्रशिक्षण शुभा सुराणा, निवेदिता मनीष, घुमोसा की सुरभि जैन, रक्षा राकेश, बेडमिंटन खिलाड़ी माया चावत, प्रियंका शर्मा, सरला मूंदडा, विजय लक्ष्मी गलुण्डिया, सरपंच प्यारी रावत, मनीषा भटनागर, सरिता सुनारिया, सुरभि ढींग, शानु लोढ़ा, डिज़ाइनर शिखा पुरोहित एवं रेडीओलॉजिस्ट डॉ. रीतू मेहता शामिल थीं संचालन शकुंतला सरूप्रिया ने किया।

Patrika

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