शिक्षा की अलख जगाना और छात्र का सर्वागीण विकास प्राथमिकता

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वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय क्षेत्रीय केंद्र की ओर से गुरुवार को डिजिटल समय में दूरस्थ शिक्षा का प्रभाव एवं उपयोगिता विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता एवं अतिथि वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आर एल गोदारा थे। प्रोफेसर गोदारा ने बताया कि आज के परिवेश में डिजिटल समय का उपयोग करते हुए कम समय में दूरस्थ शिक्षा घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं। डिजिटल सुविधा दूरस्थ शिक्षा का एक ऐसा माध्यम है, जिससे शिक्षा प्रणाली के सुधार के लिए तुरंत प्रभाव से परिणाम प्राप्त होते हैं। उन्होंने बताया कि खुला विश्वविद्यालय द्वारा कई प्रयोग किए जा रहे हैं एवं किए गए हैं जिसमें प्रमुखता यूट्यूब चैनल शामिल है। उन्होंने बताया कि छात्रों के लिए दूरस्थ शिक्षा एक ऐसा तंत्र है जिससे आपको स्वयं को प्रोत्साहित करने का एक प्लेटफ ार्म है जिससे आप अपनी ज्ञान एवं दक्षता अनुसार उच्च शिक्षा को प्राप्त कर सकते हैं। डिजिटल युग में आप अपने पाठ्यक्रम रुचि अनुसार सेलेक्ट कर घर बैठे विद्वान एवं एक्सपर्ट से जानकारी एवं ज्ञान ले सकते हैं। निदेशक डॉ रश्मि बोहरा ने क्षेत्रीय केंद्र उदयपुर द्वारा अर्जित की गई उपलब्धियां की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्कॉलरशिप कार्यक्रमए महिला उद्यमी कार्यक्रमए शिक्षक सम्मान एवं प्रोत्साहन कार्यक्रम एवं उदयपुर संभाग के अन्य जिलों में जाकर ऑन द स्पॉट प्रवेश शिविर आयोजन किए गएए जिसके शानदार परिणाम सामन आए हैं। कुलपति ने क्षेत्रीय केंद्र उदयपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने क्षेत्रीय केंद्र उदयपुर की कार्यशैलीए नेतृत्वए टीम वर्क की सराहना की। संचालन आकाशवाणी के भूतपूर्व केंद्र निदेशक इंद्रप्रकाश श्रीमाली ने किया।

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शुल्क किश्तों में लेंगे और खेलकूद के भी होंगे मुकाबलेवीएमओयू के कुलपति प्रोण् गोदारा से बातचीतउदयपुर. वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो आरएल गोदारा ने कहा कि विश्वविद्यालय अब खेलकूद प्रतियोगिताओं के आयोजन की योजना बना रहा है। इसकी शुरुआत क्षेत्रीय केन्द्रों से होगी। गोदारा ने राजस्थान पत्रिका से विशेष बातचीत में कहा कि खेलकूद अत्यंत जरूरी है। विश्वविद्यालय इसके लिए तैयार कर रहा है। क्षेत्रीय केन्द्रों से भी इसके लिए सुझाव मांगे हैं। पहले इनडोर गेम्स पर फ ोकस रहेगा। वहीं जनजाति क्षेत्र के विद्यार्थियों को एक मुश्त शुल्क जमा कराने और इग्नू की ओर से जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को निशुल्क प्रवेश के सवाल पर उन्होंने कहा कि वीएमओयू भी आगामी प्रवेश प्रक्रिया में विद्यार्थियों को किश्तों में शुल्क जमा कराने की सुविधा देगा। इसके लिए बोम की बैठक आयोजित होगी। किस कोर्स में कितनी किश्तें की जाएंगी आदि निर्णय जल्द करेंगे। साथ ही यदि विद्यार्थी पढऩे का इच्छुक है और शुल्क की कोई परेशानी है तो वह शुल्क मुक्ति का आवेदन करेगा तो उस पर भी विचार कर राहत दी जाएगी। वहीं आगामी समय में निजी कॉलेजों में जहां प्रवेश संख्या अधिक है वहां परीक्षा केन्द्र बनाए जाएंगे। परए नकल जैसी आशंका नहीं रहे इसके लिए ऑब्जरवर सीसीटीवी रिकार्डिंग आदि व्यवस्थाएं की जाएगी। परीक्षा टाइम टेबल में कम अंतराल देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि परीक्षा कमेटी को निर्देशित किया जाएगाए जिससे पर्याप्त अंतराल मिले और विद्यार्थी ठीक से तैयार कर सकें। उन्होंने बताया कि विवि ने शोध कार्य को बढ़ावा देने के लिए पीएचडी एवं एमफि ल करवाए जा रहे हैं।


Patrika

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