शराब दुकानों की लॉटरी के लिए आए 16 हजार आवेदन, अब तक हुई 48 करोड़ की आय

लॉटरी के आवेदन मात्र से विभाग को 48 करोड़ की राजस्व आय हुई, 27 तक होंगे ऑनलाइन आवेदन

उदयपुर. आबकारी बंदोबस्त नीति 2020-21 के तहत शराब दुकानों की लॉटरी लिए अब तक करीब 16 हजार ऑनलाइन आवेदन हो चुके हैं। राज्य में देसी-विदेशी शराब की 6,665 दुकानें है, जबकि अकेले अंग्रेजी शराब की एक हजार दुकानें हैं। आबकारी सूत्रों के मुताबिक लॉटरी के आवेदन मात्र से विभाग को 48 करोड़ की राजस्व आय हुई। यह आंकड़ा डेढ़ हजार करोड़ पहुंचने की संभावना है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष आवेदन से विभाग को एक हजार 700 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था। शराब की दुकानों के लिए 27 फरवरी तक आवेदन की अंतिम तिथि है। जैसे-जैसे तारीख नजदीक आती जा रही है वैसे-वैसे ऑनलाइन आवेदन करने वालों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। उदयपुर में अंग्रेजी शराब की दुकानों के लिए 182, देसी व अंग्रेजी के लिए 305 लोगों ने आवेदन किया। आवेदन के लिए 25 हजार व 30 हजार की फीस निर्धारित है। शराब दुकानों की लॉटरी के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वालों में जबरदस्त रुझान दिख रहा है। 38 प्रतिशत ने ई मित्र से,16 प्रतिशत ने डीडी व 29 प्रतिशत ने नेट बैंकिंग से आवेदन किया है।

सरकार ने दी कई सुविधाएं
अतिरिक्त आबकारी आयुक्त (नीति) सीएल देवासी ने बताया कि सरकार ने नई नीति में ठेकों के लिए कई प्रकार की सुविधाएं दी है, इसकी वजह से शराब दुकानों की लॉटरी के प्रति ठेकेदारों का रुझान बढ़ा है। अनुज्ञाधारी को अंग्रेजी मदिरा पर 20 फीसदी के स्थान पर 24 फीसदी मार्जिन मिलेगा, जबकि बीयर पर 22 फीसदी के स्थान पर 25 फीसदी मुनाफा होगा। अनुमोदन की सुरक्षा राशि 10 लाख से घटाकर 1 लाख रुपए कर दी गई है। इसी पॉलिसी में अनुज्ञाधारी को एमआरपी पर 5 रुपए के गुणांक से राउण्ड ऑफ की सुविधा प्रदान की गई है। जैसे 85 रुपए के स्थान पर 90 रुपए दुकानदार पव्वे के ले सकता है। देवासी ने बताया कि नई पॉलिसी में दुकानदार को माल बिक्री की सुविधा दी गई है। कोटा ट्रांसफर की सुविधा के तहत दुकानदार शराब नहीं बिकने पर पड़ोसी किसी भी अनुज्ञाधारी को शराब बेच सकता है।

Patrika

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