रिश्वत के आरोपी कनिष्ठ लिपिक को एक वर्ष कैद

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कनिष्ठ लिपिक को एक की कैद व 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई

उदयपुर. रिश्वत के 12 साल पुराने मामले में न्यायालय ने बांसवाड़ा जिला खेलकूद अधिकारी कार्यालय में तैनात रहे तत्कालीन कनिष्ठ लिपिक को एक की कैद व 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी ने यह राशि अंशकालीन शारीरिक शिक्षक की नियुक्ति के एवज में ली थी।

बांसवाड़ा जिला खेलकूद अधिकारी कार्यालय के तत्कालीन कनिष्ठ लिपिक वीरेन्द्र कुमार पुत्र रामलाल जाटव के खिलाफ गत 7 अगस्त 2008 को धनजी बारिया ने एसीबी बांसवाड़ा में शिकायत की। इसमें बताया कि उसकी पत्नी दुर्गा वारिया ने राज्य सरकार द्वारा खेलकूद प्रशिक्षक अंशकालीन शारीरिक शिक्षक के लिए जिला खेलकूद कार्यालय में आवेदन किया। उसे वहां साक्षात्कार के लिए बुलाने पर हिस्सा लिया। उसे वहां कोच सुरेश ने कार्यालय में तैनात वीरेन्द्र कुमार को रिश्वत देने पर नौकरी दिलाने की बात कहीं। परिवादी कार्यालय में कनिष्ठ लिपिक वीरेन्द्र से मिला तो उसने 25 हजार की मांग की। परिवादी ने इसकी शिकायत ब्यूरो को कर दी। सत्यापन के दौरान आरोपी ने पहली किस्त के पांच हजार रुपए मांगे। परिवादी ने खेलकूद कार्यालय पहुंचकर आरोपी को यह राशि दी। आरोपी ने उसे कार्यालय के बाहर ही बरामद में सीढिय़ों के पास चूने के कट्टे के नीचे रख दी। एसीबी ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर राशि बरामद की। मामले में आरोप पत्र पेश होने पर अभियोन अधिकारी गणेश शंकर तिवारी ने 13 गवाह व 26 दस्तावेज पेश किए। आरोप सिद्ध होने पर विशिष्ट न्यायालय (भ्रष्टाचार निरोधक मामलात) के पीठासीन अधिकारी गोपाल बिजोरीवाल ने आरोपी को एक वर्ष की कैद व 5000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

Patrika

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