मुफ्त कोचिंग ने बदली जनजाति युवाओं की जिन्दगी

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दिल्ली से भी ज्यादा राजस्थान के युवा अच्छी नौकरियों में हो रहे चयनित, कोटा और उदयपुर में प्रतिष्ठित निजी संस्थानों में कर रहे तैयारी

उदयपुर. कभी उन्हें सामान्य शिक्षा, पढऩे-लिखने के लिए आधारभूत सुविधाएं तक मुहैया नहीं थीं। जब सरकार ने उनके हुनर को धार देने के लिए हाथ थामा, तो उन्होंने अपनी काबिलियत भी साबित कर दिखाई। राज्य के अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग की 91 प्रतिभाओं ने पिछले तीन साल में देश की प्रतिष्ठित सेवाओं में चयनित होकर अपनी जिन्दगी को संवारा है।
अनुसूचित जनजाति क्षेत्र, खासकर दक्षिण राजस्थान के पिछड़े इलाके में प्रतिभाओं को प्रतिष्ठित सेवाओं की प्रतियोगी परीक्षा के लिए संसाधन नहीं मिल पाते थे, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। अब जनजाति इलाकों की चयनित प्रतिभाएं न केवल सरकार के खर्च पर कोटा, उदयपुर, जयपुर जैसे शहरों में रहकर पढ़ रही हैं, बल्कि सफलता भी हासिल कर रही हैं।
– सफल अभ्यर्थियों में राजस्थान तीसरे नम्बर पर
आंकड़ों पर नजर डालें तो उत्तरप्रदेश में पिछले तीन साल में 216, मणिपुर में 114, राजस्थान में 91, तमिलनाडु में 13, पंजाब में 54, दिल्ली में 71, हरियाणा में 10, बिहार में 6 और महाराष्ट्र में 10 प्रतिभाएं एनइइटी, एआइइइइ/जेइइ, संघ लोक सेवा आयोग, एसपीएससी, सीए-सीपीटी आदि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हुए हैं।
– इन परीक्षाओं में मिली कामयाबी
कॅरियर प्वॉइंट जयपुर से एनइइटी में 32 व एआइइइइ/जेइइ में 28, पतंजलि आइएएस क्लासेस जयपुर से एसपीएससी में 31 अभ्यर्थी चयनित हुए। हालांकि सरकार की ओर से मुफ्त कोचिंग के जरिये अभी तक संघ लोक सेवा आयोग की आइएएस परीक्षा में तीन साल में एक भी अभ्यर्थी का चयन नहीं हुआ है।
– कोटा और उदयपुर में भी तैयार हो रहे अभ्यर्थी
जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के अधीन माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति एवं शोध संस्थान, उदयपुर के माध्यम से उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौडग़ढ़ और राजसमंद के चुनिंदा विद्यार्थियों को राज्य के प्रतिष्ठित निजी कोचिंग संस्थानों में पढऩे के लिए कोटा, उदयपुर भेजा जा रहा है। पटवारी, ग्राम सेवक, आरएएस, आइआइटी, नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उदयपुर में 200 युवाओं को मुफ्त प्रशिक्षण और आवासीय सुविधाएं दी जा रही हैं।
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जनजाति व पिछड़े वर्ग की प्रतिभाओं के लिए अब सफलता के रास्ते खुल चुके हैं। उनके लिए कई तरह की सुविधाएं सरकार दे रही हैं। प्रतिष्ठित निजी संस्थानों से टाइअप कर कोटा व उदयपुर में विशेष कार्यशाला के जरिये चुने 300 से ज्यादा विद्यार्थियों को हम कोचिंग दिलवा रहे हैं।
अंजलि राजौरिया, अतिरिक्त सम्भागीय आयुक्त (टीएडीए)

Patrika

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