मिस इंग्लैण्ड ने उदयपुर के आनंद वृद्धाश्रम में बिताया वक्त, दिए कोरोना से बचाव के टिप्स

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इंग्लैण्ड की ‘भाषा’ को सुन बुजुर्गों ने गुनगुनाया जिन्दगी का फलसफा

उदयपुर. वह सात समन्दर पार से आई थीं। यहां कुछ अपनों के ही सताए तो कुछ मजबूर लोगों से मिलीं, तो जज्बातों का दरिया हलचल करने लगा। उनके बीच बैठीं, बतियाईं और खुशहाल और निराशावादी जिन्दगी पर खूब चर्चा की। अपने नजरिये से न केवल जिन्दगी का फलसफा समझाया, बल्कि हाल ही में दुनियाभर में चिंता की वजह बने कोरोना वायरस से कैसे बचें, इसके भी टिप्स दिए।
एशिया से पहली बच्ची मिस इंग्लैण्ड-2019-20 भाषा मुखर्जी तीन दिवसीय यात्रा पर रविवार को उदयपुर पहुंचीं। उन्होंने तारा संस्थान के आनंद वृ़द्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा कि जिसके पास जो है, वह दान करें, जिससे कि समाज में बदलाव लाया जा सकता है। यदि आपके पास बुद्धि है, तो बुद्धि दान करें और यदि धन है तो धन दान करें। किसी की समस्या का कोई समाधान हमारे पास नहीं होता, किन्तु हम कम-से-कम उस व्यक्ति की बात को तो सुनें, ताकि वह अपने मन की बात आपसे कर सकें। उन्होंने दार्शनिक अंदाज में कहा कि भगवान ही हमें शक्ति देता है, जिससे हम जूझ रहे होते हैं। यदि किसी दुखी व्यक्ति को कोई सुनने वाला मिल जाए तो बहुत आसानी रहती है। मनुष्य हमेशा जीवन में बोलता ज्यादा है, किन्तु सुनता कम है। अत: हमें हमारे जीवन में ऐसी आदत डालनी चाहिए कि हम सुनें ज्यादा, जिससे जीवन की बहुत सारी समस्या अपने आप हल जाएंगी। भाषा मुखर्जी ने कहा कि जब कभी हम किसी की समस्या को सुनकर उसको सहारा देते हैं, तो वह बहुत खुश हो जाता है।
– दुनिया को देना चाहती है हेल्थ एजुकेशन
भाषा मुखर्जी हेल्थ एज्युकेशन को विश्वभर में ले जाना चाहती है। पेश से एक डॉक्टर भाषा अपने आपको डॉक्टर तक ही सीमित नहीं रखना चाहती। इसी सोच के साथ भाषा ने कोरोना वायरस की समस्या का सामना करने के लिए बुजुर्गों को टिप्स भी दिए। इस अवसर पर बुजुर्गों के जीवन चरित्र को उजागर करती हुई अंग्रेजी कविता भी सुनाई, जिसे वहां मौजूद सभी बुजुर्गों ने खूब सराहा।
– ये भी थे मौजूद
इस अवसर पर तारा संस्थान की अध्यक्ष श्रीमती कल्पना गोयल ने कहा कि खुशकिस्मती है कि वृद्धाश्रम में मिस इंग्लैण्ड भाषा मुखर्जी आईं और बुजुर्गों की बीच वक्त बिताया, अपनी बात बहुत ही आकर्षित ढंग से रखी, जो बेशक उनकी जिन्दगी में, मानसिकता में बदलाव लाने की दिशा में मददगार साबित होगी। यहां राकेश सचदेव, रवीन्द्रसिंह संधु, देवेन्दर प्रसाद तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे। मुख्य कार्यकारी दीपेश मित्तल ने शुक्रिया अदा किया।

Patrika

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