मासूमों के लिए इम्तिहान का रास्ता खतरनाक!

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5वीं के बच्चों के लिए मूल विद्यालय से 9 किमी दूर तक परीक्षा केन्द्र, शिक्षा विभाग की लापरवाही पड़ेगी भारी

उदयपुर. शिक्षा विभाग ने 5वीं कक्षा के मासूम विद्यार्थियों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। उनकी वार्षिक परीक्षा के केन्द्र इतनी दूर बनाए हैं कि बच्चों को केंद्र की दूरी तय करना बेहद मुश्किल काम होगा। यह लापरवाही निचले स्तर के शिक्षा अधिकारियों की रही, जिन्होंने अधिकतम चार किमी के मानदण्ड के परे केन्द्र प्रस्तावित कर दिए।

शिक्षा विभाग की ओर से प्राथमिक शिक्षा अधिगम स्तर मूल्यांकन (पांचवीं बोर्ड)-2020 आगामी 24 मार्च से आयोजित किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों ने परीक्षा के लिए 9 किलोमीटर दूरी तक केन्द्र निर्धारित कर दिए। विभाग ने इसके प्रस्ताव भी स्वीकार कर लिए हैं। अब मासूमों को अपने स्कूल से 9 किमी दूर तक हाइवे पार कर इम्तिहान देने जाना पड़ेगा।
प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर की ओर से 5वीं कक्षा के बालकों के परीक्षा केन्द्र निर्धारित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि विद्यालय से केन्द्र की दूरी 4 किलोमीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। यह भी ध्यान में रखने को कहा था कि रास्ते में राष्ट्रीय राजमार्ग, नदी व नाले नहीं हों। ऐसी स्थिति में ही प्राथमिक विद्यालय को भी आदर्श व उत्कृष्ट के साथ-साथ परीक्षा का केन्द्र बनाया जा सकता है।

इन स्कूलों की दूरी करेगी परेशान

आदेश के बावजूद कुराबड़ ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय मानपुर से 9 किमी, प्राथमिक विद्यालय दामाखेड़ा से 5 किमी से ज्यादा दूर स्थित उमावि चांसदा को, मावली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय रेबारियों की ढाणी के लिए 6 किमी दूर उप्रावि मोतीखेड़ा, गिर्वा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय धोलीमंगरी के लिए 6 किमी दूर उच्च माध्यमिक विद्यालय भोइयों की पंचोली को केन्द्र बनाया गया है। चिंताजनक बात यह है कि इस केन्द्र तक जाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर गुजरना पड़ता है।
शिक्षक संघ ने किया विरोध
परीक्षा केंद्र को लेकर शुक्रवार को राजस्थान शिक्षक एवं पंचायतीराज कर्मचारी संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष शेरसिंह चौहान ने प्रधानाचार्य डाइट उदयपुर को ज्ञापन दिया। जिले के 4 किलोमीटर से अधिक दूरी और बीच में हाईवे व नदी नाले वाले विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र नहीं बनाने की मांग की। व्यवस्था नहीं बदलने पर संगठन ने डाइट कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

इनका कहना…

सीबीइओ के स्तर पर ही इनका चिह्निकरण हुआ था। मेरी जानकारी में पांच-छह स्कूलों का मामला आया है। अभी देखते हैं कि कैसे इनमें बदलाव कर सकते हैं।
पुष्पेन्द्र शर्मा, प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान

Patrika

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