भारत आज विश्व की पांचवीं सबसे बडी आर्थिक महाशक्ति: ठाकुर

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– बजट में प्रस्तावित नीतिगत सुधारों की सही पालना जरूरी: रमेश कुमार सिंघवी
– यूसीसीआई में वित्त राज्यमंत्री के साथ परिचर्चात्मक बैठक

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. यह जरूरी नहीं कि हर ख्वाहिश पूरी हो जाए, किन्तु जरूरी यह है कि देश की जनता की ख्वाहिशों को पूरा करने की ईमानदारी से कोशिश की जाए। अब देश में प्रगतिशील सरकार है एवं दृढ़ इच्छा शक्ति वाला नेतृत्व है तथा भारत को सुरक्षित, सुन्दर एवं स्वच्छ बनाने का लक्ष्य है। आम जनता के सहयोग से देश को 2024 तक 5 ट्रिलियन डालर की आर्थिक महाशक्ति बनने का सपना अवश्य पूरा होगा।

यह बात केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने शुक्रवार को उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री की ओर से यूसीसीआई भवन के पीपी सिंघल ऑडिटोरियम में केन्द्रीय बजट 2020-21 विषय पर परिचर्चात्मक बैठक में व्यक्त किए। कार्यक्रम की शुरुआत में अध्यक्ष रमेश कुमार सिंघवी ने यूसीसीआई गतिविधियों का विवरण दिया। उन्होंने यूसीसीआई द्वारा उद्यमियों एवं व्यवसायियों को जीएसटी कर प्रणाली के विषय में मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए जीएसटी सेल के माध्यम से विषय विशेषज्ञों की सेवाएं उपलब्ध कराने तथा यूसीसीआई वोकेशनल ट्रेनिंग सेन्टर में युवाओं को जीएसटी अकाउन्टेन्ट की ट्रेनिंग देकर रोजगार मुहैया कराने की यूसीसीआई की महत्ती योजनाओं की जानकारी दी।
बैठक में चेम्बर ऑफ कॉमर्स उदयपुर डिविजन अध्यक्ष पारस सिंघवी ने भी समस्याएं रखीं।

खुली परिचर्चा के दौरान निर्मल सिंघवी, हेमन्त जैन, मनीष गलूण्डिया, प्रतीक हिंगड़, राकेश माहेश्वरी, राजकुमार चण्डालिया, अरविन्द मेहता, अंशुल मोगरा, विजय गोधा, बनाराम चौधरी, पवन तलेसरा, रीना राठौड़, गौरव माथुर, केजी गुप्ता ने सुझाव देकर समस्याएं रखी। मुख्य आयुक्त आशीष वर्मा ने आयकर सम्बन्धी समस्याओं को सुलझाने के लिए आयकर विभाग के प्रयासों की जानकारी दी। आयकर विभाग की अलका जैन, आयकर आयुक्त ने कार्यक्रम का संचालन किया। बैठक में केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के सदस्य प्रभाष शंकर, आयकर विभाग जयपुर की प्रधान मुख्य आयुक्त नीना निगम, आयकर विभाग, सीजीएसटी एवं केन्द्रीय उत्पाद विभाग के प्रधान मुख्य आयुक्त राकेश कुमार शर्मा, अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क के सदस्य जॉन जोसफ ने भी परिचर्चा के दौरान अपने विचार रखेे।
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इस तरह आए सवाल
– जीएसटी लागू हुए ढाई वर्ष हो गए, लेकिन मिस मेच के कारण इसकी प्रणाली से व्यापारियों को होने वाले नुकसान।

– ओपन आयात नीति को बंद किया जाए। मार्बल इंडस्ट्री बंद होने के कगार पर है, इस पर सरकार गंभीरता से देखे।

Patrika

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