भक्ति से मिलता सांसारिक सुख और मोक्ष

मुनि पूज्य सागर ने कहा, पहाड़ा में सिद्धचक्र मंडल विधान

उदयपुर . पद्म प्रभु दिगम्बर जैन मंदिर पहाड़ा में मुनि पूज्य सागर के सान्निध्य में चल रहे सिद्धचक्र मंडल विधान के तीसरे दिन बुधवार को प्रभु को नैवेद्य चढ़ाए गए, वहीं तीन मंडल पर 64 अघ्र्य समर्पित किए गए। प्रवचन में मुनि पूज्य सागर ने कहा कि व्यक्ति को अपनी शक्ति के अनुसार दान करना चाहिए। दूसरों के प्रति मन निर्मल रखना चाहिए। व्यक्ति जैसी भावना रखता है, वैसा ही फल मिलता है। भक्ति सांसारिक सुख और मोक्ष देती है, लेकिन हमें भगवान की भक्ति करते समय सांसारिक सुख की कामना नहीं करनी चाहिए। हमें तो मोक्ष सुख की कामना से भक्ति करनी चाहिए। पुण्य की कमी से मोक्ष नहीं मिला तो सांसारिक सुख तो अपने आप मिल जाएगा।

इससे पहले तीसरे दिन विधान में मुख्य सौधर्म इन्द्र बनने का लाभ धनराज सेठ, यज्ञनायक बनने का लाभ रमेश चित्तौड़ा को मिला। जिनेन्द्र भगवान का पंचामृत अभिषेक और शांतिधारा करने का लाभ वदीचंद्र गुडलिया, राजेन्द्र अदवासिया, प्रकाश डुंगरिया, मनोहर पटवा को प्राप्त हुआ।



Patrika

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