बार-बार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ गर्मियों का संकट दूर करेगा!

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अगले 48 घंटों में फिर हो सकती है बारिश, मेवाड़ सहित राजस्थान के अधिकांश भागों में दिखाई दे सकता है असर

उदयपुर. बदलते मौसम चक्र के बीच मेवाड़ सहित राज्य के अधिकांश इलाकों में अगले 48 घंटों में फिर से बारिश, ओलावृष्टि हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से ऐसा हो सकता है। सर्दी का असर भी बढ़ सकता है। जानकारों का मानना है कि बार-बार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और बारिश से देश के कई इलाकों में गर्मियों में पानी का संकट दूर या कम हो सकता है।
पिछले साल अक्टूबर तक मानसून सक्रिय रहा था और लगातार बारिश हुई। नवम्बर-दिसम्बर के बाद जनवरी-फरवरी में विक्षोभ लगातार सक्रिय रहने से कई बार बरसात हो चुकी है। इस बीच पूरे हिमालयी क्षेत्र में हिमपात भी हुआ है। सुविवि में भूगोलशास्त्र विभाग के पूर्व प्रो. नरपत सिंह राठौड़ बताते हैं कि पूरे भारतीय उप महाद्वीप में इस बार गर्मियों में पानी का संकट नहीं रहेगा, ऐसे आसार दिखाई दे रहे हैं। उप महाद्वीप में लगातार बारिश होगी। इसके साथ ही पहाड़ों से लगातार बर्फ पिघलने के कारण गंगा, यमुना, बह्मपुत्र व सिंध तथा दूसरी तरफ रावी, व्यास, सतलुज, चिनाब, झेलम व सिंधु नदी में पानी की आवक बनी रहेगी, जिसका गर्मियों में पानी की मांग व उपलब्धता के अनुपात पर सकारात्मक असर पड़ेगा। पाकिस्तान व राजस्थान में पानी की उपलब्धता बढ़ सकती है।
– फिर गिर सकते हैं ओले
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय फिर सक्रिय होने से राजस्थान के अधिकांश भागों में वर्षा व ओले गिर सकते हैं। बादल छाए रहने से तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है, वहीं पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद सर्दी का असर बढ़ेगा। राठौड़ ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ यंूं तो सामान्य प्राकृतिक घटना है, लेकिन पहली बार ऐसा है कि यह बार-बार सक्रिय हो रहा है। पश्चिमी व दक्षिणी राजस्थान में 10 मार्च के बाद आमतौर पर आंधियां चलनी शुरू हो जाती हैं, लेकिन इस बार केवल एक मर्तबा आधी चली है। यह जलवायु परिवर्तन का असर माना जा रहा है। अर्से बाद होली के पहले व बाद में पूरे राजस्थान व मेवाड़ में फिर से बारिश हो रही है।
– हिमालय में गिरेगी बर्फ
हिमालयी पर्वत शृंखला में पश्चिमी विक्षोभ के असर से हिमपात हो सकता है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचलप्रदेश, उत्तराखण्ड में हिमपात और बारिश होगी, वहीं पंजाब, हरियाणा व उत्तरप्रदेश के मैदानी भागों में बरसात हो सकती है।
– पाकिस्तान-राजस्थान तक आए बादल
मौसम के जानकारों का कहना है कि पहले बादल ईरान पर छाए थे, लेकिन अब आगे बढ़ते हुए इन्होंने अब पाकिस्तान के बलूचिस्तान व सऊदी अरब, सिरिया, ईराक और राजस्थान तक डेरा डालना शुरू कर दिया है।

Patrika

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