धमकी के जोर पर शिक्षकों को थमाया ज्ञान का डंडा

0
250
AdvertisementAmazon Great Indian Sale Banner

बोर्ड परीक्षा के 10 दिन पहले उड़ी नींद
– कोटड़ा क्षेत्र में पढ़ाने के लिए लगाए गए शिक्षक

– आज से जिले के विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों की लगाई कोटड़ा क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था में ड्यूटी

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. वर्ष भर भले ही इन स्कूलों में शिक्षक नहीं थे। जिले के इस आदिवासी अंचल के बच्चों को पढ़ाने वाला कोई नहीं था, स्कूले खाली पड़ी थी, विभाग की नाक के नीचे पूरा साल बच्चों के बिना पढ़े निकल गया, लेकिन अब विभाग चाहता है कि चार दिन का ढिंढोरा कूट कर स्कूलों में ज्ञान का चौमासा ले आए। बोर्ड परीक्षा शुरू होने में ठीक दस दिन बाकी है और शिक्षा विभाग ने अब अंग्रेजी, विज्ञान और गणित के शिक्षकों को व्यवस्था के लिए उस क्षेत्र में बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों को लगाया है।

—-
कहा कि आज से जाना ही होगा

मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी शिवजी गौड़ ने आदेश जारी कर जिले के 57 शिक्षकों की ड्यूटी 24 फरवरी से इस आदिवासी क्षेत्र के स्कूलों में बच्चों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी करवाने के लिए लगा दी है। ये शिक्षक अंग्रेजी, विज्ञान और गणित विषय के हैं। इन सभी शिक्षकों के लिए बस की व्यवस्था जनजाति विभाग की ओर से की गई है, उन्हें सोमवार सुबह छह बजे मोहता पार्क से इस बस से संबंधित स्कूलों में पढ़ाने जाना होगा। ये बस उन्हें सुबह छह बजे मोहता पार्क चेतक सर्किल से लेगी और शाम सात बजे वहीं छोड़ देगी। ये व्यवस्था नि:शुल्क रहेगी।

नहीं गए तो स्वयं जिम्मेदार
जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई है, उनके लिए व्यवस्था के आदेश के अलावा एक अन्य आदेश फिर से जारी किया गया है। ये आदेश जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक मुख्यालय) ने जारी किए हैं। संबंधित मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी व प्रधानाचार्य, उदयपुर शहरी क्षेत्र के नोडल प्रभारी अधिकारी व संबंधित संस्था प्रधानों के नाम पर डीईओ ने पत्र जारी किया है। पत्र में उल्लेख है कि जिला कलक्टर के निर्देश पर 21 फरवरी को जो आदेश जारी किया है, उसके तहत इन शिक्षकों को तत्काल कार्यमुक्त करना है। नहीं तो विपरीत परिस्थितियों के लिए वे व्यक्तिश: इसके जिम्मेदार होंगे।

—–

दस दिन बाद बोर्ड परीक्षा
– राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा पांच मार्च से और दसवीं कक्षा की परीक्षा 12 मार्च से शुरू होगी। अब इतने कम समय में ये शिक्षक इन बच्चों को क्या पढ़ा लेंगे ये बड़ा सवाल है। विभाग से लेकर जिला मुख्यालय पर बैठे शिक्षा अधिकारियों के पेशानी पर परिणाम का पसीना टपकने लगा है, ये इसी समस्या का हल निकालने के लिए किताबी मरहम है।

—-

इन स्कूलों में लगाए व्यवस्था के तहत शिक्षक
– राउमावि मेवाड़ों का मठ, तेजा का वास, गोगुरुद, पालछा, कोटड़ा, खाकरिया, बुडि़य़ा, मंडवाल, जागीवड़, कउचा, बेड़ाधर, सावन क्यारा, महाड़ी, सडा, गुर्रा, सामोली, धधमता, बीकरणी, जेड, नयावास, मांडवा, खजूरिया स्कूलों में दो या तीन-तीन विषयों के शिक्षकों को लगाया गया है। कोटड़ा क्षेत्र में 43 सीनियर सैकंडरी स्कूलों में से केवल 17 में प्रधानाचार्य हैं।

—–
ये हैं जिले के हाल

जिलेभर में कुल स्वीकृत शिक्षकों के 10646 में से 2381 शिक्षकों (22.36 प्रतिशत) के पद खाली रहे। इनमें से भी विषयाध्यापकों के 6238 में से 1807 यानि (28.96 प्रतिशत) अध्यापकों के बगैर विद्यार्थियों ने पढ़ाई की। गणित में व्याख्याताओं व वरिष्ठ अध्यापकों के 750 में से 296 (39.46 प्रतिशत) पद खाली रहे। अंग्रेजी विषय में 817 में से 156 (19.09 फीसदी) पद खाली रहे। विज्ञान में 950 में से (27.05 प्रतिशत) पद खाली रहे। कक्षा छह से आठवीं तक पढ़ाने वाले लेवल-2 के शिक्षकों का आंकड़ा देखें तो अंग्रेजी विषयाध्यापकों के 33.15, विज्ञान के 35.98 और गणित के 40.13 फीसदी पद खाली हैं। शारीरिक शिक्षा प्रथम, द्वितीय, तृतीय, प्रयोगशाला सहायक द्वितीय व तृतीय, पुस्तकालय अध्यक्ष-प्रथम व द्वितीय के स्वीकृत 959 स्वीकृत पदों में से 638 लोग कार्यरत हैं, जबकि 321 पद खाली चल रहे हैं।
—–

जनजाति विभाग का प्रोजेक्ट है, उन्होंने बस उपलब्ध करवाई है। हालंाकि इसके लिए हमने टेंडर किया है। शिक्षकों के आने-जाने का ही मुख्य मुद्दा है, इसकी व्यवस्था होते ही शिक्षकों की ड्यूटी लगाई है। जितने दिन भी बचे है, प्रयास कर रहे है बच्चों को लाभ मिले। वहां गणित, विज्ञान व अंग्रेजी विषय के विद्यार्थियों के लिए शिक्षक लगाए हैं। सोमवार से उन्हें नियमित जाना है, ये शिक्षक बाद में नवीं और ग्यारहवीं के बच्चों को भी पढ़ाएंगे, ताकि उन्हें इसका लाभ मिले।
भरत जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) उदयपुर

Patrika

AdvertisementAmazon Great Indian Sale Banner

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here