झाड़ोल मेले में नहीं लगेंगी डोलरें, थमी रहेगी चकरी

कोरोना के डर से आदिवासी क्षेत्रों की परम्परा पर लगेगी लगाम, प्रशासन ने बाहरी दुकानदारों को नहीं दी दुकानें लगाने की मंजूरी

झाड़ोल. उपखण्ड मुख्यालय पर दशामाता पर्व के दिन आयोजित होने वाला मेला इस बार कोरोना वायरस की भेंट चढ गया। अब मेले में बाहर से आने वाले व्यापारियों की दुकानें नहीं लगाई जाएगी और न ही डोलर,चकरी झूलों का संचालन होगा। क्षेत्र से ग्रामीणों की भीड़ भी मेले में सीमित रखी जाएगी। राज्य सरकार के निर्देश पर सोमवार को आईटी सेन्टर पर उपखण्ड अधिकारी अक्षय गोदारा की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में यह फैसला किया गया है। बैठक में उपखण्ड अधिकारी ने कहा कि कोरोना वायरस के चलते सरकार ने बड़े कार्यक्रम करने पर रोक लगा रखी है,एेसे में मेले का आयोजन करना उचित नहीं है। इस पर जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने कहा कि मेले में ग्रामीणों की संख्या सीमित ही रखी जाएगी। लेकिन मेले में डोलर व चकरी झूले नहीं लगाने की सहमति दी। साथ ही कहा कि मेले में सिर्फ स्थानीय दुकानदारों द्वारा ही दुकान लगाई जाएगी। बाहरी दुकानदारों को दुकानें लगाने की स्वीकृति नहीं दी गई। बैठक में विकास अधिकारी रेखा गौड, ग्राम विकास अधिकारी ज्ञानेश्वर मेघवाल, सरंपच आशा देवी, उप सरपंच निलमराज पुरोहित, वार्डपंच रवि गायरी, धीरज पूर्बिया, पूर्व उप सरपंच मनीष पुरोहित, लाल सिंह राणावत, सरपंच पति बंशीलाल समेत दर्जनों ग्रामीणों मौजूद रहे।

डोलर व चकरी झूले की नहीं दी मंजूरी

मेला आयोजन में तीन दिन शेष होने के बावजूद पहले से डोलर झूलें लगाने को लेकर सोमवार को ही दो डोलर संचालक ट्रकों में झूलों को लेकर झाड़ोल पहुंच गए। उन्हें बैठक में बुलाकर डोलर नहीं लगाने को लेकर पाबन्द किया। उन्होंने कहा कि अधिकारीयों से कहा कि हम सैंकडों किलोमीटर की दूरी से खर्चा कर आए है। कैसे भी मंजूरी दे दो। मगर उपखण्ड अधिकारी द्वारा कोरोना वायरस का हवाला देते हुए डोलर लगाने से मना कर दिया। उपखण्ड अधिकारी नेे विकास अधिकारी झाड़ोल एंव फलासिया को आदेश जारी कर ग्राम पंचायत स्तर पर लगने वाले मेलों में बिना स्वीकृति झूले नहीं लगाने के आदेश जारी किए।



Patrika

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