गाइड को चाकू से गोदकर इतनी बेरहमी से मारा कि सिहर उठे सब

गाइड को चाकू से गोदकर इतनी बेरहमी से मारा कि सिहर उठे सब

मोहम्मद इलियास/उदयपुर
नाई थानाक्षेत्र के कोडिय़ात गांव के बुधवार तडक़े अज्ञात हमलावरों ने एक गाइड की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। सुबह शव मिलने के बाद हत्या का खुलासा हुआ। परिजनों व रिश्तेदारों ने मृत युवक के साथी गाइड पर शक किया लेकिन मृतक की कार व उसके जेब में रखे पर्स, मोबाइल व अन्य सामान के गायब होने से प्रारंभिक जांच में मामला लूट का लग रहा है। पुलिस ने कुछ युवकों को हिरासत में लिया है। उनसे अभी पूछताछ की जा रही है।जगदीशचौक हाल रामपुरा निवासी मृतक अनुराग उर्फ जानू (31) पुत्र रमेशचन्द्र पटवा दिल्ली में गाइडिंग करता था। वह स्पेनिश व अंग्रेजी का काफी अच्छा जानकार था। पिता रमेशचन्द्र व भाई प्रदीप भी गाइड होने से वह दिल्ली में ट्यूर एस्कोटिंग का काम करते हुए पर्यटकों को यहां उदयपुर लेकर आता था। दो दिन पहले ही वह दिल्ली से उदयपुर आया था।

कॉल आने के बाद आ गया था तनाव में
एएसपी अनंत कुमार ने बताया कि गाइड अनुराग रात को कार से अपनी मां मंजुला, पिता रमेशचन्द्र व दोस्त अंकित भावसार के साथ सेक्टर-14 सामुदायिक भवन में एक वैवाहिक समारोह में गया था। वहां से लौटते समय उसके मोबाइल पर कॉल आया, इसमें सामने वाले ने गाली गलौज से बातचीत की। मां-बाप साथ रहने से उन्होंने समझाइश की। जगदीशचौक पहुंचने के बाद उसने अपने दोस्त अंकित को उतारा और बाद में पार्षद मित्र गोपाल जोशी को घटना की जानकारी दी। जोशी ने कॉल किया तो वह नम्बर मल्लातलाई निवासी कत्र्तव्य उर्फ छन्नो का निकाला जिसने अनुराग के साथी गाइड शोभित ङ्क्षसह के कहने पर कॉल करना बताया। पुराना विवाद व व्यवहार को लेकर आपसी खींचतान सामने आने पर जोशी ने शोभित से फोन पर बातचीत की और समझाइश कर मामले का निपटारा करवाया।

रात तीन बजे निकला था कार से
परिजनों ने पुलिस को बताया कि जगदीश चौक से रामपुरा घर जाने के बाद अनुराग कार में बैठा रहा, परिजनों के बार-बार आग्रह पर भी वह अंदर नहीं गया। रात तीन बजे तक वह कार में ही बैठकर तेज आवाज में गाने सुनता रहा। सुबह जब परिजन उठे तो अनुराग घर में नहीं मिला, कॉल करने पर मोबाइल स्विच ऑफ मिला। दोस्तों से भी कुछ पता नहीं चल पाया।

सोशल प्लेटफार्म पर दोस्तों ने की पहचान
सुबह करीब 10.30 बजे कोडिय़ात गांव में सुनसान इलाके में काटे गए भूखंडों के बीच बनाई की पक्की सडक़ पर अनुराग का शव पड़ा मिला। एक मजदूर की सूचना पर उपाधीक्षक प्रेम धणदे, थानाधिकारी मुकेश सोनी मय जाप्ता मौके पर पहुंचे। शिनाख्तगी के अभाव में पुलिस ने फोटो खींचकर सोशल प्लेटफार्म पर डाले तो उसे दोस्तों ने अनुराग की पहचान कर ली। पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर शव को दोपहर बाद एमबी चिकित्सालय के मुर्दाघर में लेकर पहुंची। पुलिस ने पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को देना चाहा तो वे आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। पुलिस ने समझाइश के बाद शव परिजनों के सुपुर्द किया। चिकित्सकों ने उसके पेट व सीने पर चाकू वार से मौत होना बताया है। इस बीच सूचना पर मृतक के भाई-बहन व रिश्तेदार भी अस्पताल पहुंच गए। वहां पर परिजन शव देखते ही फफक पड़े।


Patrika

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