कोरोना वायरस के कारण विदेश में फंंसे पुत्र अपने प‍िता को मुखाग्‍न‍ि देने से भी हुए वंच‍ित

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पिता की मौत पर पाेेते ने दी मुखाग्नि, कोरोना वायरस के कारण बन्द हुए हवाई यातायात के कारण नहींं आ पाए घर

यशवन्त पटेल/भाणदा. कोराेेेना वायरस के कारण व‍िदेेेेश में फंसेे पुुुुुुत्रों को प‍िता के अंत‍िम दर्शन नहींं हो पाए। दरअसल, भाणदा कस्बे में हुई एक मौत से मृतक की देह का उसके पुत्रों को अन्तिम दर्शन करने का मौका भी नहीं मिल पाया। वहीं मृतक के शरीर के दाहसंस्कार में पाेेते से मुखाग्नि करा ग्रामीणों ने दाहसंस्कार पूर्ण कराया । जानकारी के अनुसार उपखण्ड़ क्षेेत्र के अधिकांंश युवा मजदूरी करने के लिए खाडी देशों में पलायन करते हैंं जिस कारण घर पर महिलाएंं एवं बुजुुर्ग रहते हैंं । विदेशों में गए स्थानीय लोग वहांं मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैंं जो एक या दो वर्ष में घर लौटते हैंं। ऐसा ही कई परिवार खेरवाड़ा कस्बे में भी हैंं जिनके कई परिवारों में बुजुर्ग माता-पिता के अलावा घर में बच्चे एवं महिलाएंं ही रहती हैंं। जिस कारण गांंव में मंगलवार को हुई रामलाल पुत्र नाना पटेल (65) वर्ष की बीमारी के कारण मृत्यु हो गई। मृतक रामलाल के तीन पुत्र हैंं तथा तीनों ही विदेश में मजदूरी पर गए हुए हैंं। रामलाल का स्वास्थ्य होली के त्यौहार से पहले तक तो ठीक था किन्तु होली के दूसरे दिन से हुए अचानक शारीरिक बीमारी से उसकी मृत्यु हो गई। देश-विदेश में फैले कोरोना वायरस के कारण खाडी देशों द्वारा भारत एवं अन्य देशों से वायुयान एवं अन्य परिवहन के साधन बन्द कर दिये हैंं जिस कारण उसके पुत्रों को अपने पिता के अन्तिम दर्शन नहीं हो पाए न ही मुखाग्नि देने का अवसर प्राप्त हुआ। ग्रामीणों ने परिस्थितियों कों देखते हुए उनके पुत्रों से सम्पर्क किया किन्तु आवागमन की कोई सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों ने मृतक रामलाल के बड़े पुत्र के बेटे से दाहसंस्कार की रस्म पूर्ण करा मुखाग्नि दी ।

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