कोरोना मेडिकल इमरजेंसी घोषित: अवकाश निरस्त, सोशल मीडिया पर अफवाह पर दर्ज होगा मामला

द राजस्थान एपिडेमिक डिजिज एक्ट 1957 के तहत

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. कोविड-19 के मामलों के संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश में मेडिकल इमरजेंसी घोषित कर दी है। इसे देखते हुए हर अधिकारी और कर्मचारियों के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं। कार्मिकों को अब सरकारी अवकाश के दिन भी छुट्टी नहीं मिलेगी। द राजस्थान एपिडेमिक डिजिज एक्ट 1957 के तहत यह निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही ये भी नियम होंगे लागू।

– अस्थाई हॉस्पिटल: जिला प्रशासन अपने स्तर पर जरूरत को देखते हुए किसी भी क्षेत्र को अस्थाई हॉस्पिटल के रूप में इस्तेमाल कर सकेगा। इसमें प्रशासन ये देखेगा कि मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, वर्तमान में जो मेडिकल व्यवस्थाएं हैं, वह कम पड़ रही हैं। – संदिग्ध की जांच अनिवार्य: किसी भी देसी या विदेशी व्यक्ति को संदिग्ध स्थिति होने पर अनिवार्य रूप से जांच करवानी ही होगी, इसमें मरीज की आनाकानी या ना नुकुर काम नहीं आएगी।

यदि कोई संदिग्ध अकारण विरोध दर्ज करता है तो सख्त होकर भी उसकी जांच करवाई जा सकेगी।

– डॉक्टर रोक सकेगा परिवहन: कोई भी चिकित्सक किसी भी गांव में परिवहन व्यवस्था को बंद करवा सकेगा। हालांकि इसे ये स्पष्ट करना होगा कि उस गांव में संदिग्ध मरीजों की संख्या बेहद बढ़ती जा रही है, यदि परिवहन बंद नहीं करवाया गया तो उसका संक्रमण काफी बढ़ सकता है।

– कोरोना वायरस को लेकर कोई भी सोशल मीडिया पर यदि गलत जानकारी देगा या प्रसारित करेगा तो उसके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज हो सकेगा।

Patrika

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