कोरोना ने समझा दी होम और फैमिली की इम्पोर्टेंस, बि‍ता रहे क्‍वालि‍टी टाइम

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– कोरोना वायरस के खतरे के कारण घरों में कै द हुए, आइसोलेशन और क्वारेंटाइन पीरियड में रह रहे लोगों को परिवार की समझ आई अहमियत

– बच्चों के साथ बिता रहे क्वालिटी टाइम, इनडोर गेम्स और टीवी, इंटरनेट बने एंटरटेनमेंट का जरिया

उदयपुर. कोरोना वायरस का खतरा जैसे ही बढ़ा लोग अपने घरों में कैद होना शुरू हो गए। जो लोग शहर से बाहर और विदेशों में रह रहे थे या नौकरी के लिए गए थे वे घर लौटने लगे। वहीं, अब सेल्फ आइसोलेशन, क्वारेंटाइन पीरियड में रह रहे हैं। एक समय था जब लोग डेली लाइफ और टेक्नोलॉजी में इतने बिजी हो गए थे कि परिवार के लिए ही टाइम नहीं बचता था। ऐसे में वे अब परिवार के सदस्यों और बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम बिता रहे हैं। शायद, ये पुराना दौर है जब परिवार ही सब कुछ होता था। घरों में समय बिता रहे लोगों से पत्रिका प्लस ने जाने उनके मजेदार अनुभव-

कैरम, ताश की चल रही बाजियां तो कोई टीवी से कर रहे एंटरटेनमेंट

नवरत्न कॉम्पलेक्स निवासी नीलम चंडालिया ने बताया कि कोरोना के खतरे के कारण पूरा परिवार अब ज्यादा समय साथ में बिता रहा है। ऐसा लग रहा है जैसे गर्मी की छुट्टियां हो गई हो, जैसे पहले के जमाने में होती थी लंबी छुट्टियां। अब घर में ही कैरम, ताश और दूसरे गेम्स खेलकर मजे ले रहे हैं। अब जब पूरा लॉकडाउन हो चुका है तो घर में ही रहना बेहतर है। वहीं, पीएम के जनता कफ्र्यू का भी उन्होंने पूरा पालन किया। पूरे दिन घर में हंसी-ठिठोली हो रही है जो कम-सी हो गई थी।
इसी तरह न्यू फतहपुरा निवासी हेमलता जैन ने बताया कि हर दिन काम की भागदौड़ में न खुद के लिए समय बच पाता था और न ही परिवार के लिए। घर में सब कामकाजी हैं। सिर्फ रविवार ही होता था जब वे बच्चों के साथ अच्छा समय बिता पाते थे। लेकिन, काम के कारण कभी संडे भी यूूं ही चला जाता था।

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Patrika

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