कांग्रेस में नगर निगम के ‘कप्तान’ पर घमासान, पीसीसी नेता प्रतिपक्ष नहीं बना सका

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नगर निगम नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी पर रार

मुकेश हिंगड़ / उदयपुर. शहर सरकार नगर निगम में कांग्रेस पार्टी की ओर से विपक्षी पार्टी के रूप में कप्तान नहीं मिल रहा है। बात भी ऐसी नहीं है कि कोई मजबूत पार्षद नहीं है, इस कुर्सी की लाइन लगी है लेकिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी इस इस कप्तान का नाम तय नहीं कर पाया। निगम में नेता प्रतिपक्ष के लिए कांग्रेस के अंदर ही अंदर घमासान मचा हुआ है। बड़े नेताओं के चहेतों के नाम के झगड़े को देखकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) ने भी चुप्पी ही साध ली है।
नवंबर 2019 के अंतिम सप्ताह में नगर निगम में भाजपा का बोर्ड बना था और कांग्रेस पिछले परिणाम से बेहतर स्थिति में आई। इसके बाद भाजपा के बोर्ड ने तीन से ज्यादा बोर्ड बैठकें कर दी, समितियां बना दी और प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने समितियों को अनुमोदित भी कर दिया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी अभी तक नेता प्रतिपक्ष के लिए अपना चेहरा तय नहीं कर पाया। यही नहीं शहर कांग्रेस कमेटी की ओर से पीसीसी को कई बार पत्र, फोन और प्रत्यक्ष रूप से आला नेताओं से लेकर प्रभारी मंत्री को नेता प्रतिपक्ष के लिए अवगत करा चुके है। यहीं नहीं शहर कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल शर्मा तो पीसीसी चीफ सचिन पायलट तक को सीधे बता चुके है।

झगड़ा गिरिजा-रघुवीर का!
कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष का नाम तय करना कोई बड़ा काम नहीं है। असल में उदयपुर में कांग्रेस के बड़े नेता अपने नजदीकी पार्षद को नेता प्रतिपक्ष बनाना चाहते है। सीडब्ल्यूसी के सदस्य व पूर्व सांसद रघुवीर सिंह मीणा का जोर है कि नेता प्रतिपक्ष लोकेश गौड़ को बनाया जाए तो पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास व शहर कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल शर्मा अपनी पुत्रवधु हितांशी शर्मा को नेता प्रतिपक्ष बनाना चाहते है।

झगड़ा ऐसा कि मंत्री को एयरपोर्ट पर नाम दिया
पिछले दिनों उदयपुर आए प्रभारी मंत्री मा. भंवरलाल मेघवाल को शहर अध्यक्ष शर्मा ने हितांशी शर्मा का नाम दिया था। भनक लगी तो रघुवीर गुट के गौड़ भी जयपुर जा रहे मंत्री मेघवाल के पास एयरपोर्ट जाकर अपनी दावेदारी रखी। दोनों ने पार्षदों के हस्ताक्षर का पत्र दिया था।

कांग्रेस उभरी पर नेता प्रतिपक्ष पर पिछड़ी
इस बार के चुनाव में निगम में 70 में से भाजपा को 44 व कांग्रेस को 20 सीटे मिली जबकि 6 पर अन्य ने बाजी मारी थी। पिछले बोर्ड में कांग्रेस की स्थिति मात्र तीन पार्षदों की थी। तीन महीने पूरे हो गए लेकिन कांग्रेस अभी तक नेता प्रतिपक्ष का नाम तय नहीं कर सकी है। इस अवधि में भाजपा के बोर्ड ने तीन से ज्यादा बोर्ड बैठकें कर दी और समितियों का गठन कर अनुमोदन तक हो गया है।

जाने दो दावेदारों को
1. हितांशी शर्मा : वार्ड 62 से पार्षद बनी हितांशी शर्मा शहर कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल शर्मा की पुत्रवधु तो शहर कांग्रेस स्थानीय निकाय अध्यक्ष प्रकोष्ठ के अध्यक्ष के.के. शर्मा की बेटी है। कांग्रेस में नया चेहरा है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास के परिवार से होने का फायदा।
2. लोकेश गौड : वार्ड 29 से पार्षद बने लोकेश गौड़ कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ता है। वे दूसरी बार पार्षद बने। पिछले बोर्ड में इनकी पत्नी अमिता गौड़ पार्षद थी। हिरणमगरी क्षेत्र भाजपा का गढ़ होने के बावजूद भी ये वार्ड से जीतकर निगम पहुंचे। कांग्रेस नेता रघुवीर सिंह मीणा के नजदीकी है।

सारे बड़े नेता बोले पीसीसी जाने
नेता प्रतिपक्ष को लेकर मै तो क्या कहूंगा। ये प्रदेश कांग्रेस कमेटी का काम है। आप पीसीसी में ही पूछ लीजिए।
– मा. भंवरलाल मेघवाल, प्रभारी मंत्री

यह सब संगठन के कार्य है। इसका निर्णय पीसीसी चीफ ही करेंगे, संगठन स्तर पर वे निर्णय करेंगे। न मैने कुछ बताया।
– रघुवीर सिंह मीणा, पूर्व सांसद

यह तो पूरे राजस्थान का एक साथ ही किया जाएगा। अभी तो विधानसभा चल रही है। संगठन एक साथ निर्णय कर लेगा।
– डॉ. गिरिजा व्यास, पूर्व केन्द्रीय मंत्री

Patrika

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