उदयपुर का पहला सब जोन प्लान एन-3 तैयार, मांगे सुझाव

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जोन में शिवपुरी, वाड़ा, अम्बेरी, सुखेर, भुवाणा होकर शोभागपुरा सीमा, 9 हैक्टयर क्षेत्र सुविधाओं के लिए आरक्षित

मुकेश हिंगड़ / उदयपुर. शहरीकरण एवं नगरीय विस्तार में तेजी से हो रहे विस्तार ने सामाजिक एवं आधारभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याएं और चुनौतियों के निस्तारण को लेकर उदयपुर शहर के जोनल प्लान बनाने की दिशा में पहला सब जोन एन-3 तैयार कर दिया गया है। यह उत्तरी जोन का पार्ट है। नगर विकास प्रन्यास (यूआईटी) ने एन-3 प्लान को जारी करते हुए लोगों से आपत्तियां मांगी है। यूआईटी ने उदयपुर के मास्टर प्लान 2031 के अधिसूचित क्षेत्र की सीमा में जोन प्लान बनाने का कार्य पहले शुरू किया और उसमें से उत्तरी जोन के पार्ट जोन एन-3 के जोनल विकास की योजना का प्रारूप तैयार कर दिया। शहर को पांच जोन में बांटा गया है उत्तरी, पश्चिमी, दक्षिणी, दक्षिणी-पूर्वी एवं पूर्वी जोन बनाए गए।

एक नजर में प्लान
– 5 जोन में बांटा गया है शहर
– 56,000 हैक्टयर में फैले जोन
– 4 से 5 हजार हैक्टयर में एन-3 जोन
– 9 हैक्टयर क्षेत्र एन-3 में सुविधाओं के लिए
– 30 दिन में दे सकते आपत्तियां

जोन एन-3 की ये सीमाएं
शिवपुरी गांव से वाड़ा गांव होते हुए वाड़ा गांव की पूर्वी सीमा (नगरीय क्षेत्र सीमा तक) एवं शिवपुरी गांव से अम्बेरी, सुखेर, भुवाणा होते हुए शोभागपुरा गांव की दक्षिणी सीमा के बीच का क्षेत्र शामिल किया गया है।

प्लान में ये सब कुछ
1. भौतिक व प्राकृतिक : सडक़े, रेलवे लाइन, नहरें, नदी-नाले, जलाशय, वन क्षेत्र, जलाशय आदि
2. सार्वजनिक उपयोगिता : एचटी लाइन, एलटी लाइन, गैस लाइन, टेलीफोन व जलापूर्ति लाइन आदि
3. नक्शे : राजकीय भूमि, नगरीय निकाय की भूमि, चारागाह भूमि, आकृति आदि सहित जोन में अवस्थित सभी प्रमुख लेण्डमार्क
4. जोनल बेसमेप : जोन में स्थित सभी अकृर्षि सम्पत्ति का अंकन, विद्यमान भू उपयोग के साथ किया जाना आवश्यक है।

इनके लिए जमीन आरक्षित रखे
1. शैक्षणिक सुविधाएं : प्राथमिक, उप्रावि, माध्यमिक, उमावि व निशक्तजन स्कूल – स्वास्थ्य सुविधाएं : बड़े अस्पताल, छोटे अस्पताल, नर्सिंग होम, उप स्वास्थ्य भवन-
सामाजिक व सांस्कृतिक सुविधाएं : आंगनवाड़ी, शिशू गृह, सामुदायिक भवन, बारातघर, पुस्तकालय, धार्मिक स्थल, कब्रिस्तान, शमशान
2. मनोरंजन की सुविधाएं : पार्क व प्ले ग्राउण्ड – वितरण सुविधाएं : पेट्रोल, डीजल, सीएनजी फिलिंग स्टेशन, एलपीजी गैस गोदाम
3. सुरक्षा सुविधाएं : पुलिस चौकी, पुलिस स्टेशन, टैफिक पुलिस नियंत्रण कक्ष, फायर स्टेशन- अन्य सुविधाएं : विशिष्ट बाजार, ट्रांसपोर्ट सुविधाएं, पार्किंग, ग्रिड सब स्टेशन, जलापूर्ति स्थल, सीवेज पंप स्टेशन आदि
4. बैंक आदि के लिए : आर्थिक व व्यवसायिक संरचना : स्थानीय बाजार, सर्विस सेंटर, साप्ताहिक बाजार, वेंडिग जोन, दुग्ध वितरण केन्द्र, डेयरी बूथ व फुटकर व्यापार केन्द्र

जनता दे सकती आपत्तियां
एन-3 जोन का प्रारूप यूआईटी कार्यालय एवं वेबसाइट पर दिया है। जनता 15 अप्रेल 2020 तक अपनी आपत्तियां व सुझाव दे सकते है। साथ ही निजी भूमि धारक भी इस क्षेत्र में सार्वजनिक सुविधाओं की आवश्यकता के दृष्टिगत प्रस्ताव भी दे सकते है।
– अरुण कुमार हासिजा, सचिव यूआईटी






Patrika

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