आस्ट्रेलिया का नेच्युरोपैथी दल बोला भारत की पंचकर्म चिकित्सा विश्व के लिए वरदान

उदयपुर के आयुर्वेद औषधालय में पहुंचा दल

उदयपुर. आयुर्वेद विभाग राजस्थान के रोल मॉडल राजकीय आदर्श आयुर्वेद औषधालय में आस्ट्रेलिया के नेच्युरोपैथी के डॉक्टर के दल का लगातार आना जारी है। गौरतलब है कि ये सभी न केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत देखने व आयुर्वेद को समझने आते हैं बल्कि प्रभावित होकर अपने साथियों को भी प्रोत्साहित करते हैं। चिकित्साधिकारी वैद्य शोभालाल औदिच्य ने बताया कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के उद्देश्य से वैद्य संजय माहेश्वरी ने विभिन्न सत्रों के माध्यम से आयुर्वेद में पंचमहाभूत सिद्धान्त, त्रिदोष सिद्धान्त, सप्त धातु सिद्धान्त, मल, अग्नि सहित पंचकर्म चिकित्सा को विस्तार पूर्वक समझाया। वैद्य औदिच्य ने बताया कि दल प्रमुख रेने जेन्स व पूजा पालीवाल के नेतृत्व में आए दल ने राजस्थान सरकार के रोल मॉडल औषधालय में नि:शुल्क दवा, नि:शुल्क परामर्श, सुव्यवस्थित पंजीकरण व्यवस्था को देखा। जब इन विदेशी चिकित्सकों को यह ज्ञात हुआ कि आयुर्वेद में पौधों, जन्तु उत्पाद व पारा, सोना, चांदी, ताम्बा, जस्ता आदि का उपयोग भी भस्म यानी नैनो पार्टिकल के रूप में हजारों वर्षों से अब तक किया जा रहा है, तो दल प्रमुख रेने ने भारत के धातु विज्ञान को दुनिया के लिए वरदान बताया।





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