अरे इन्हें भी कोई रोको-टोको, बिना लाइसेंस व फिटनेस से चला रहे ऑटो और किराए को लेकर मचा रखी लूट

0
312
AdvertisementAmazon Great Indian Sale Banner

अरे इन्हें भी कोई रोको-टोको, बिना लाइसेंस व फिटनेस से चला रहे ऑटो और किराए को लेकर मचा रखी लूट

मोहम्मद इलियास/उदयपुर
शहर में बिना फिटनेस के करीब एक हजार से ज्यादा ऑटो सडक़ों पर धड़ल्ले से दौड़ रहे है। बिना वर्दी व बिना लाइसेंस के कई ऑटो चालक तो ऐसे हैं, जो रोज नियम कायदे तोडकऱ लपकागिरी करते हैं। वो यात्रियों की सेवा नहीं बल्कि कमीशन के फेर में होटलों व हेण्डीक्राफ्ट माफियाओं के लिए काम कर रहे हंै। ऐसे ऑटो चालकों के चलते वे भी बदनाम हो रहे हंै, जिनकी रोजी रोटी सिर्फ ऑटो पर टिकी हुई। लपकागिरी करने वाले इन ऑटो चालकों के चलते अन्य ऑटो चालक भी परेशान है वे खुद भी चाहते हैं कि नियम विरुद्ध चलने वाले ऐसे ऑटो चालकों के खिलाफ भी कारवाई हो।शहर में अभी करीब 3500 ऑटो चल रहे हैं, इनमें से करीब 1 हजार से ज्यादा ऑटो चालकों के पास फिटनेस नहीं है। ये ऐसे ऑटो हैं, जो डीजल व पेट्रोल मिक्स में चलते हुए सडक़ों पर धुआं फेंकते हुए प्रदूषण फैला रहे हंै। अधिकांश तो अवधि पार होने के बावजूद सडक़ों पर लोगों की जान को जोखिम में डाल रहे है। इन्हेंं रोकने टोकने वाला विभाग खुद मौन है।


800 टेम्पो भी नहीं निकल पाए
ऑटो चालकों की किराए को लेकन मनमर्जी के साथ ही रूट पर चलने वाले टेम्पो चालकों की भी पूरी तरह से ‘दादागिरी’ हो चुकी है। रुट पर कब्जों के साथ ही उन्होंने अपने-अपने एरिया बांट लिए है। 800 से ज्यादा टेम्पो को बाहर करने के बावजूद अब तक ये बाहर नहीं हो पाए है। अधिकांश टेम्पो बाहरी रूट पर सवारियां नहीं मिलने पर वापस शहर में आ गए।–लपकागिरी का खेलशहर में हर स्टैंड पर करीब 500 से ज्यादा ऐसे हैं, जो टेम्पो में सिर्फ लपकागिरी का काम करते हैं। कुछ नशेड़ी हैं, जो यात्रियों से दुव्र्यवहार करते हैं। बस व ट्रेन के पहुंचते ही ये बाहरी पर्यटकों पर लपकते हैं। सस्ता होटल दिलाने के फेर में वे उन्हें कमीशन वाली होटलों व खरीदारी के लिए शो-रूम पर लेकर घूमते है। कई तो ऐसे हैं, जो टेम्पो में तेज आवाज में गाने आदि बजाते हैं।

तंग गलियों के लिए सिर्फ ऑटो की ही सवारी
पुराने शहर की बसावट तंग गलियों में पहाड़ी पर होने से ऑटो रिक्शा के अलावा कोई और साधन भी नहीं है। ज्यादातर होटलें, पेइंग गेस्ट हाउस भी इन्हीं गलियों में होने से ऑटो वालों की मनमानी का कोई तोड़ भी नहीं है। ऑटो चालकों की स्थानीय वाशिंदों से ज्यादा दिलचस्पी पर्यटकों में होती है ताकि मनमाना किराया वसलूने के अलावा होटलों से कमीशन भी मिल जाण्। बेलगाम ऑटो चालक शक्ल देखकर तिलक निकालने के आदी है। किसी स्थान को कोई किराया तय नहीं।

कोई नहीं करता पालना
हाईकोर्ट से भी ऑटो चालकों को नियमों के पालन के निर्देश दिए हुए है लेकिन इसकी पालना कोई नहीं करता है। शहर में रजिस्टर्ड ऑटो के अलावा बिना रजिस्टर्ड वाले ऑटो चल रहे हैं। इसमें से कई ऑटो ऐसे हंै, जिनके पास कागज ही नहीं है। शहर की यातायात अव्यवस्था सुधारने के लिए निर्धारित ऑटो स्टैंड बनाए गए थे लेकिन ये वाहन वहां खड़े नहीं कर रहे हैं।

करेंगे कार्रवाई
कागज के अभाव व बिना फिटनस चलने वाले ऑटो के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। वर्दी व अन्य नियमों की पालना के लिए प्री-पेड के साथ ही उन्हें सख्ती से लागू करवाया जाएगा।डॉ. कल्पना शर्मा, जिला परिवहन अधिकारी




Patrika

AdvertisementAmazon Great Indian Sale Banner

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here