अब सीवर लाइन में मरने को नहीं उतरेंगे मजदूर

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– सीएम ने की सुपर सकर मशीन देने की घोषणा
– शहर में हैं 1800 सफाईकर्मी

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. उदयपुर में सीवर लाइन में काम करते समय दो अलग-अलग हादसों में आठ मजदूरों की मौत के बाद आखिर अब सरकार चेत गई। उदयपुर में वर्ष 2017 अप्रेल माह में हीराबाग में चार लोगों की सेप्टिक टैंक में दम घुटने से हुई तो एक अन्य हादसे में मनवा खेडा में भी चार लोग मर गए थे। अब सरकार ने बजट में इस पर नई शुरुआत की है। सीवर व सेप्टिक टैंक सफाई मरम्मत इत्यादि कार्य मे लगे लोगों की सुरक्षा के लिए वर्ष 2013 में बने कानून की पूरे राज्य में पालना नही हो रही है। शहर में 1800 सफाईकर्मी कार्यरत हैं।

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एक्सपर्ट व्यू

सीवर लाइन व सेप्टिक टैंक सफ ाई कर्मी जहरीलों गैसों के बीच काम करते है। इनके पास बचाव व सुरक्षा के कोई साधन नही है। प्रोहिबिशन ऑफ एम्प्लॉयमेंट एज मैन्युअल स्कैवेंजर एन्ड देयर रिहैबिलिटेशन एक्ट 2013 के अध्याय 2 के बिंदु 2 से 7 तक दिए प्रावधानों की कोई पालना जरूरी है। एक्ट के अनुसार सीवर व सेप्टिक टैंक मरम्मत, सफ ाई में जुड़े कार्मिकों के लिए चौवालीस प्रकार के सुरक्षा उपकरणों व ग्यारह प्रकार के साधनों जिसमे गैस डिटेक्टर, ब्लोअर शामिल है। इन कार्मिकों के लिए दस लाख का बीमा होना व कार्यस्थल पर व्यवस्थाओं के निर्देश है। राज्य सरकार की यह घोषणा मानवीय है। अपेक्षा है कि उचित प्रकार के साधन खरीदे जाएंगे। उन पर उचित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

डॉ. अनिल मेहता, प्राचार्य, विद्या भवन पॉलिटेक्निक
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ये बोले सीएम
सीएम बोले कि सीवर की सफाई करते हुए कई बार जनहानि होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। एक सभ्य समाज के लिए यह कतई स्वीकार योग्य नहीं हैं। सीवर सफाई कार्य में मानवीय उपयोग निषेध मानते हुए यह कार्य मशीनों की ओर से किए जाने के लिए सभी निकायों द्वारा सीवर सफाई कार्य व ठोस कचरा प्रबन्धन और निस्तारण के लिए जरूरी यंत्र व उपकरण खरीदे जाएंगे। इस पर कुल 176 करोड़ रुपए का बजट दिया है, कोई व्यक्ति अब सीवर के मेनहोल में नहीं उतरेगा। इस संबंध में शिकायत मिलने पर अधिकारी की जिम्मेदारी रहेगी।

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मैकेनाइज्ड सिस्टम सक्शन मशीन है, जो टेंक खाली करती है, पाइप अन्दर डालकर खींच लेते है। अब किसी को सीवर में नहीं उतारा जाता।

नरेन्द्र श्रीमाली हैल्थ ऑफिसर नगर निगम

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जब से घटना हुई थी, तब से मशीन से ही सफाई कर रहे हैं, आगे भी करते रहेंगे। पहले ही हमने अधिकारियों को इसके लिए कहा है।

महेश सरसिया, स्वास्थ्य प्रभारी नगर निगम व महामंत्री राजस्थान सफाई कर्मचारी संघ उदयपुर

Patrika

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