सालों से जल रही है यहाँ ज्वाला, शिव-पार्वती ने लिए थे 7 फेरे!

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भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का यह स्थल उत्तराखंड में स्थित है जिसे त्रियुगी नारायण मंदिर के नाम से जाना जाता है क्योंकि यहाँ पर पिछले 3 युगों से वह ज्वाला प्रज्वलित है जिसके चारो तरफ दोनों ने 7 फेरे लिए थे। इस मंदिर में प्रसाद के रूप में लकड़ियाँ चढ़ाई जाती है।

बहुत कम लोग जानते होंगे कि इस विवाह में माता पार्वती के भाई की भूमिका में भगवान विष्णु थे। इसके अलावा ब्रह्म जी ने विवाह में शामिल होने के पूर्व जिस कुंड में स्नान किया था, वह भी यहीं स्थित है।

वीडियो में देखे उस कुंड की अग्नि 

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