तारिक फतह का ये बयान पाकिस्तान को प्यार करने वाले मुसलमान न पढ़े ,,, वर्ना पिछवाड़े में लगाना पड़ेगा बर्नोल ..

तारिक फतह के इस बयाँ से जर्रूर उन्हे दिक्कत हो सकती है जिन के दिल में पाकिस्तान बसता है ,1947 में भारत को आजादी मिलने के साथ ही वो दर्द भी मिला जो हमेंशा सालता रहता है।

तारिक फतह के इस बयाँ से जर्रूर उन्हे दिक्कत हो सकती है जिन के दिल में पाकिस्तान बसता है ,1947 में भारत को आजादी मिलने के साथ ही वो दर्द भी मिला जो हमेंशा सालता रहता है। सिंधु सभ्यता के गौरवगाथा का गान करने वाले लोग दो अलग-अलग देशों के हिस्सा

बन चुके थे। जो वर्षों तक एक दूसरे के हमराज थे वे खाटी दुश्मन बन गए। एक ऐसी दुश्मनी, जिसका इजहार हमारे पडो़सी मुल्क यानि पाकिस्तान के हुक्मरान करते रहते हैं। उन्हें कभी कश्मीर याद आता है तो कभी कच्छ का रन। लेकिन

आगे पढ़िए तारीख का पूरा बयाँन