पढ़िए शनि देव की वो कथा जिस को पढने के बाद पांड्वो के सारे कष्ट दूर होगये थे … आप भी पढ़े और दूर करे अपने सभी कष्ट .

माना जाता है जो इंसान शनि महाराज की पूरी कथा पड़ता है उस के सब कष्ट दूर होजाते है कथा इस प्रकार है ..

माना जाता है जो इंसान शनि महाराज की पूरी कथा पड़ता है उस के सब कष्ट दूर होजाते है कथा इस प्रकार है .. शनि को सभी ग्रहों में सबसे खतरनाक ग्रह माना जाता है | अगर कोई इन्सान एक अच्छी आयु जीता है तो उसको जीवन में तीन बार शनि की दशा से गुजरना पड़ता है | पहली बार वो इन्सान के साथ खेलता है ,दुसरी बार उसकी जिन्दगी में भूचाल ले आता है औ तीसरी बार उसके सरे धन-दौलत को नष्ट कर देता है | इसी कारण सभी शनि को शांत रखने का प्रयास करते है | शनिवार का व्रत कोई भी कर सकता है और अगर वो श्रावण मास के शनिवार से करे तो सबसे उत्तम होता है | इस व्रत को करने के लिए कुछ विशेष बातो का ध्यान रखना पड़ता है जो आप किसी अनुभवी इन्सान या पंडित की सहायता से कर सकते है |

आज्ञा दे गुरु देव ने ,देना शीष झुकाय , कथा कहू शनि देव की ,भाषा सरल बनाय *कृपया मनोकामनाए पूरी करने के लिए कथा को बिच में न छोड़े ऐसा खुद बड़े पंडितो का कहना है *एक बार सभी ग्रह एक साथ इकट्ठे हुए और आपस में बाते करने लगे | कुछ विषयों पर बात करते करते वो एक विषय पर आकर रुक गये कि “सबसे सम्मानित ग्रह कौनसा है ” | वो सब आपस में तर्क वितर्क करने लगे लेकिन कोई नतीजा नही निकला इसलिए उन्होंने इंद्र देव के पास जाने का विचार किया | तो सभी ग्रह इंद्र देव के पास गये और वो भी विस्मय में पड़ गये क्योंकि अगर वो किसी को उचा नीचा दिखायेंगे तो किसी भी ग्रह का कोप उन पर गिर सकता था | कुछ देर बाद विचार करने के बाद इंद्र देव ने कहा “मान्यवरो , मै इस प्रश्न का उत्तर देने में असमर्थ हु लेकिन उज्जैयनी नगर में विक्रमादित्य नाम का राजा है जो आपके प्रश्न का उत्तर दे सकता है ” | इस तरह इंद्र देव के कहने पर सभी ग्रह राजा विक्रम के दरबार में गये |

 

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